Wednesday, 18 January 2012

कांग्रेसी परचम कितना लहरा पायेगा


   राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी के पुराने जुड़ाव का लाभ बुंदेलखंड की 19 विधानसभा सीटों में मिलने की बात कही जा रही है।वर्ष 1980 के विधानसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस की जड़ें बुंदेलखंड में कमजोर होती गयीं।दो वर्ष बाद हुए लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब रही। पिछले चुनाव में पार्टी को बुंदेलखंड की 21 सीटों में तीन लाख 62 हजार मत हासिल हुये लेकिन जीत मात्र तीन सीटों में मिली। बांदा जनपद की चारों विधानसभाओं में तिंदवारी को छोड़कर कांग्रेस की झोली में 10 हजार से कम मत ही पहुंच पाये। पिछले विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने रोड शो भी किया था।
यह कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने बुंदेलखंड की नब्ज टटोली है और उसके बाद ही 30 अप्रैल 2011 को बांदा के राजकीय इंटर कालेज के मैदान में विशाल रैली का आयोजन किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुंदेलियों को यह बताने की कोशिश किया कि राहुल गांधी की बदौलत ही बुंदेलखंड पैकेज स्वीकृत किया गया है और उन्होंने यहां के बुंदेलियों का दर्द समझा। जनसभाओं के माध्यम से राहुल गांधी जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि कांग्रेस ने तो बुंदेलखंड की खुशहाली के लिए अरबों का पैकेज दिया। प्रदेश सरकार ने इस पैसे का जमकर दुरुपयोग किया। ये कहा जा रहा है जनसभाओं के माध्यम से राहुल गांधी बुंदेलखंड पैकेज के वार से बसपा को घेरेंगे और यह बतायेंगे कि बुंदेलखंड पैकेज की धनराशि पर बसपा ने किस प्रकार लूट मार की|

No comments:

Post a Comment