Wednesday, 9 December 2015

पत्रकार ने ख़रीदा दाऊद का होटल



मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की सम्पतियों की नीलामी में जायदा लोगो  ने दिलचस्बी नही दिखाई ! बहुत ही कम लोग शामिल हुए! मुंबई के पत्रकार बालाकृष्णन ने भिन्डी बाजार वाले दाऊद के होटल दिल्ली जायका को 4. २८ करोड़ रुपए में खरीद लिया! आपको बता दे की कुछ दिन पहले बालाकृष्णन को मैसेज द्वारा नीलामी में न शामिल होने  धमकी मिली थी इसके बावजूद बालाकृष्णन दाऊद से  डरे नहीं नीलामी में शामिल हुए और दाऊद का होटल खरीद लिया ! जायका होटल की कीमत १. १८ करोड़ से शुरू हुई थी जो 4. २८ पर जाकर रुकी!नीलामी प्रकिया खत्म हो जाने के बाद बालाकृष्णन ने कहा कि हमने होटल की बोली जीत ली है. अब हमें उसके लिए लगभग 4 करोड़ रूपये की बकाया धनराशि का भुगतान करना है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि वह देशभक्त लोगों की मदद से जल्द ही यह भुगतान कर देंगे.

Tuesday, 8 December 2015

सूर्यांश.न्यूज़: फिल्म रिलीज होने वाली है तो याद आ गयी चैरिटी

सूर्यांश.न्यूज़: फिल्म रिलीज होने वाली है तो याद आ गयी चैरिटी: शाहरुख़ खान का   देश के  विरुद्ध बात करना ! इंडिया को असुरक्षित बताना, अचानक देश की तारीफ करना, एक करोड़ रुपए बाढ़ पीडितो को देना एक ढोंग सा ...

फिल्म रिलीज होने वाली है तो याद आ गयी चैरिटी

शाहरुख खान के लिए चित्र परिणामशाहरुख़ खान का  देश के विरुद्ध बात करना ! इंडिया को असुरक्षित बताना, अचानक देश की तारीफ करना, एक करोड़ रुपए बाढ़ पीडितो को देना एक ढोंग सा लगता है यक़ीनन ये दिखावा है  जो फिल्म रिलीज से पहले किया जा रहा  है शाहरुख़ और काजोल की फिल्म दिलवाले रिलीज को तैयार है अपनी फिल्म की प्रमोशन करने में व्यस्त है ऐसे में बाढ़ पीडितो को बड़ी रकम देना बाढ़ पीडितो के लिए बहुत ही मददगार है इससे उनकी मदद ही होगी, लेकिन साफ़ है की शाहरुख़ लोगे के मन में अपने लिए दोबारा वही  किंग  खान वाली जगह बनाना चाहते है जो वो खो चुके है वार्ना  चैरिटी तो सलमान खान भी करते है सलमान जब चैरिटी  है तो किसी मीडिया में जाकर नहीं कहते की मैंने आज चैरिटी की है इंसान की इंसानियत उसकी करनी से दिख जाती है सलमान खान फिल्म इंडस्ट्री में इकलौते ऐसे इंसान है जो अपनी कमाई का आधा हिस्सा हमेशा ही लोगो की मदद करने में लगाते है वो कोई  मौका नहीं ढूंढते मदद करना का बस करते रहते है आज शाहरुख़ द्वारा की गयी मदद को सराहा जा रहा  है और सराहा भी जाना चाहिए क्यूंकि यदि किसी गलत बात का विरोध किया जा सकता है तो अच्छे कार्य  की प्रशंसा करना बुरी बात नहीं है लेकिन काश ये मदद उन्होंने केदारनाथ में  आई आपदा के समय की होती या कश्मीर में आपदा समय  की होती ! ये उनकी  सोच है की वो कब किसकी और कहा सहायता करना चाहते  है  लेकिन कहना पड़ेगा शाहरुख़ ने एक तीर से दो शिकार किये है एक तरफ जहा लोगो के मन में बसे अपने प्रति गुस्से को शांत करने की कोशिश की  है वही अपनी आने वाली फिल्म दिलवाले का प्रमोशन भी हो रहा है अब देखना ये होगा कि शाहरुख़ द्वारा किये गए इस प्रयास का उनकी फिल्म पर क्या असर पड़ता है

Sunday, 6 December 2015

सूर्यांश.न्यूज़: राम मंदिर नहीं बाबरी मस्ज़िद बनकर रहेगी : ओवैसी

सूर्यांश.न्यूज़: राम मंदिर नहीं बाबरी मस्ज़िद बनकर रहेगी : ओवैसी: राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर नहीं, बाबरी मस्जिद बनकर रहेगी।ओवैस ने कहा कि भागवत का सपना कभी पूरा नहीं होगा। अयोध्या में बाबरी मस्जिद ...

राम मंदिर नहीं बाबरी मस्ज़िद बनकर रहेगी : ओवैसी

राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर नहीं, बाबरी मस्जिद बनकर रहेगी।ओवैस ने कहा कि भागवत का सपना कभी पूरा नहीं होगा। अयोध्या में बाबरी मस्जिद ही बनेगी आपको बता दे  कुछ दिनों पहले आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि उनके जिंदा रहते ही अयोध्या में राम मंदिर बनेगा।उनके इस बयान का जवाब देते हुए ओवैसी ने उन्हें कहा सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भराेसा है।बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के प्रेसिडेंट है 
 बाबरी मस्जिद गिराए जाने की 23वीं बरसी के मौके पर ओवैसी ने हैदराबाद बंद की अपील की है। इसी मौके पर आेवैसी ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत पर निशाना साधा।  इस दौरान ओवैसी ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार चुनावी वादे पूरा करने में नाकाम रही है। रोजगार देने, मंहगाई को काम करने, काले धन को देश में वापस लाने और लोगों के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने समेत सभी चुनावी वादों को पूरा करने में केंद्र सरकार नाकामयाब रही है।

ये तो बात थी ओवैसी द्वारा दिए गए बयान की लेकिन क्या इन नेताओ का इस प्रकार का बयां देना सही है अयोध्या इनकी प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं जिसके लिए ये इस तरह के बयां देते जाये और जनता इतनी नासमझ नहीं जो इनकी हर नासमझी और गलत बात में इनका साथ देगी !

Saturday, 28 November 2015

Entire Indian Armed Forces can't defend : Farooq Abdullah

ABDULLAH, ON FRIDAY, HAD SAID THAT POK WAS WITH PAKISTAN AND THAT WAR WAS NOT AN OPTION. ON SATURDAY, HE ATTEMPTED TO CLARIFY HIS STATEMENT AND SAID THE SAME AGAIN. "POK WILL BE A PART OF PAKISTAN, J&K WILL BE A PART OF INDIA. IT IS NOT SOMETHING NEW THAT I HAVE SAID," SAID THE FORMER CHIEF MINISTER OF J&K. "ALL OF INDIA'S FORCES CAN'T DEFEND AGAINST TERRORISTS AND MILITANTS," HE WAS FURTHER QUOTED AS SAYING BY NEWS AGENCY ANI.

A DAY AFTER HE WAS CRITICISED FOR SAYING THAT PAKISTAN OCCUPIED KASHMIR (POK) IS IN PAKISTAN AND JAMMU AND KASHMIR IS IN INDIA, NATIONAL CONFERENCE PRESIDENT FAROOQ ABDULLAH SAID HIS REMARKS WERE NOT NEW. IN FACT, HE WENT A STEP FURTHER AND SAID INDIAN FORCES CAN'T DEFEND AGAINST TERRORISTS AND MILITANTS.  ABDULLAH TWIT SAARI HINDUSTAN KI FAUJ BHI AA JAYE TO BHI NHI DEFEND KAR SAKTI TERRORISTS AUR MILITANTS KE KHILAAF: FAROOQ ABDULLAH PIC.TWITTER.COM/UBBSGVMVJV

Thursday, 26 November 2015

इतने सालो बाद हुआ अहसास... असहनीय है देश ?

आमिर खान  भारत का प्रसिद्ध अभिनेता जिसे भारत की जनता ने बह्त पसंद किया वो अभिनेता यदि ये बताता है की उसके लिए देश में रहना कठिन हो रहा! उसकी पत्नी दूसरे देश में जाने की बात करती है तो ये भारत देश की नहीं आमिर खान की मानसकिता की कमी है वो देश जहा न जाने कितनी बार आतंकवादी हमले हुए ! कई बार प्राकृतिक आपदाओ का सामना किया! ये देश तब मजबूती से खड़ा रहा और इस देश के वासी सब कुछ सहते हुए भी और जायदा सहनशील होते गए ! उस देश के ऊपर ऐसा बयान करना या यु कहे की उस देश के बारे में इस तरह की बात करना अपने आप में शर्मनाक है माना भारत एक स्वतंत्र देश है और हर एक को अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं की जिस घर में आप रहे उसी घर की दीवारे अपने तीखे शब्दों से चकना चूर कर दे और विरोधी देश को अपने पे हसने का एक और मौका दे दे!  आमिर एक समृद्ध परिवार से है उनके आगे पीछे सिक्योरिटी गार्ड रहते है उनका परिवार महंगी से महंगी गाड़ियों में घूमता है वो कहा असुरक्षित है असुरक्षित तो वो लोग है जिनके सर पर छत नहीं और पावो  के निचे जमीं नहीं! जो अपनी जान की रक्षा किये बिना देश की रक्षा में जुटे रहते है यदि असहनशीलता का सही मतलब जानना है तो २००३ का वो मंजर याद करना चाहिए आमिर को जहा  कश्मीर के एक ही गाव के  कश्मीरी पंडितो के परिवार को आतंकवादियों ने एक ही लाइन में खड़ा करके गोली मार दी थी २००८ में मुंबई में आतंकी हमलो को कैसे भूल गए आमिर क्या उस वक्त उन्होंने देश छोड़ने की बात नहीं सोची!भारत में लगभग ८१ प्रतिशत भाग में हिन्दू रहते है वही हिन्दू जिन्होंने आमिर की हर फिल्म को न सिर्फ देखा बल्कि सराहा भी! क्या उस वक्त भारत की जनता ने कोई भेदभाव किया!  शाहरुख़ खान के बयां के बाद पाकिस्तानी आतंकवादी नेता सईद ने शाहरुख़ को पाकिस्तान आने का न्योता दे दिया क्या आमिर भी यही चाहते थे वो भी हाफिज सईद की नज़रो में आये! जो इस प्रकार का बयान देकर भारत देश पर ही एक प्रश्नचिन बना दिया यदि उन्हें कोई परेशानी थी तो वो राष्टपति या प्रधानमंत्री किसी के भी पास जाकर अपनी  बात रख सकते थे वो कोई मामूली इंसान तो है नहीं जो वहा तक जा नहीं सकते थे !  यु मीडिया में आकर इस तरह की बात करना सही नहीं था उनके एक बयां ने देश के लिए मर मिटने वाले सिपाहियों और सच्चे देशभक्तो  पर काला प्रश्न चिन्ह  लगा दिया! आमिर को  समझना चाहिए था की वो भारत देश की प्रसिद्ध हस्ती उनके कुछ भी बोलने से कई लोग  प्रभावित होते है  संभल जाये नेता और अभिनेता सिर्फ लाइमलाइट में आने के लिए इस तरह के बयान दे !